Saurabh Tankha It was a chance visit to the LTG Auditorium at Mandi House in the National Capital that I happened to watch a play which drew my attention by its title. Bayar, directed by theatre director Raunak Khan, who has also directed plays like Khoj-bin, Hawalat, Khuda Hafiz and many more in the recent […]Read More
हिंदी देश की आत्मा में बसती है दोस्तों शरीर नश्वर पर आत्मा कभी नहीं मरती आत्मा को अगर हम अजर – अमर मानें तो हिंदी सदा हमारे लफ़्ज़ों में, रूह में है हिंदी पर गर्व है मुझे, हिंदी से मुझे प्यार है विज्ञान की छात्रा होने के कारण दसवीं तक हिंदी पढ़ी, वो भी मात्र […]Read More
जब नारी खुद में रखती इतना दम बिना उफ्फ झेले घर-समाज के गम पलायन ही क्या नीलपरी मुसीबत का अंत क्यों आज नर में दमखम इतना कम वैसे तो हर एक जान की कीमत अनमोल है, परन्तु इतने उच्च पदासीन व्यक्ति का ऐसा दुःखद अंत सामाजिक और राष्ट्रीय क्षति भी है। तीस वर्षीय आइपीएस सुरेंद्र […]Read More