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“आत्महत्या विकल्प नहीं”

जब नारी खुद में रखती इतना दम बिना उफ्फ झेले घर-समाज के गम पलायन ही क्या नीलपरी मुसीबत का अंत क्यों आज नर में दमखम इतना कम वैसे तो हर एक जान की कीमत अनमोल है, परन्तु इतने उच्च पदासीन व्यक्ति का ऐसा दुःखद अंत सामाजिक और राष्ट्रीय क्षति भी है। तीस वर्षीय आइपीएस सुरेंद्र […]Read More

DIL SE

इन किताबों में कुछ तो होता है

मालविका हरिओम   इन किताबों में कुछ तो होता है ओस बनकर जो मन भिगोता है इल्म के एक-एक मोती को रूह की तार में पिरोता है कोई तो है जो ग़म सँजोता है इन किताबों में कुछ तो होता है ज़िन्दगी के हसीन पन्नों पर जब वो तारीख़ मुस्कुराती है तेरी यादों की तितलियों […]Read More

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