“कहीं दूर, फिर भी दिल के सबसे पास”
डॉ. नीलू नीलपरी
चारों ओर आने वाले वैलेंटाइन डे का उत्साह है। हर जगह प्यार की बातें हैं, लेकिन मेरे दिल में एक खालीपन सा है, क्योंकि तुम पास नहीं हो। तुम्हारी हँसी, तुम्हारी बातें, और साथ गुज़ारे वो छोटे-छोटे पल बार-बार आँखों के सामने आ जाते हैं। मेरे लिए तो मानो समय ठहर गया है। तुम्हारे इंतज़ार में। जानती हूँ तुम बहुत दूर चले गए हो, जहाँ से लौटना इस जीवन में संभव नहीं, फिर भी प्रतीक्षा है। काश तुम यहाँ होते, तो यह वैलेंटाइन सच में पूरा होता।
🌹 Rose Day — स्मृति का फूल
आज गुलाब
हाथों में नहीं,
मन में खिला है।
उसकी पंखुड़ियों में
तेरी हथेलियों की गर्मी है,
और काँटों में
तेरे जाने की सच्चाई।
मैंने फूल रखा नहीं,
बस आँखें मूँद लीं
कुछ खुशबुएँ
छूने से नहीं,
याद करने से फैलती हैं।
💌 Propose Day — मौन का प्रस्ताव
आज कहने को कुछ नहीं,
फिर भी
सब कुछ कहा जा चुका है।
मेरा प्रस्ताव
तेरी हथेली में नहीं,
उस आकाश में है
जहाँ तू ठहरा है।
मैं अब शब्द नहीं भेजती,
सिर्फ़ भरोसा
कि जहाँ भी हो,
मेरा प्रेम
तुझ तक पहुँचता होगा।
🍫 Chocolate Day — मीठी याद
आज मिठास
ज़ुबान पर नहीं,
आँखों में है।
तेरी एक मुस्कान
किसी चॉकलेट की तरह
धीरे-धीरे
मन में घुल जाती है।
कुछ स्वाद
ख़त्म नहीं होते,
वे बस
याद बन जाते हैं।
🧸 Teddy Day — सहारा
आज कोई गले लगाने वाला नहीं,
फिर भी
खाली नहीं हूँ।
तेरी याद
एक नरम तकिये जैसी है
जिस पर
थक कर सिर रख सकूँ।
कुछ सहारे
जीवित नहीं होते,
पर
जीवित रखते हैं।
🤝 Promise Day — आस का दीया
आज वादा
किसी से नहीं,
खुद से किया है।
कि तेरी स्मृति को
बोझ नहीं बनने दूँगी,
उसे
रोशनी बनाकर रखूँगी।
यह आस का दीया
हवा से डगमगाएगा,
पर बुझेगा नहीं।
🤗 Hug Day — अदृश्य आलिंगन
आज बाहें खाली हैं,
फिर भी
आत्मा भरी हुई है।
तेरी उपस्थिति
हवा के आलिंगन जैसी है,
दिखती नहीं,
पर महसूस होती है।
कुछ गले लगाना
देह से आगे का होता है।
❤️ Valentine’s Day — उस पार का प्रेम
आज प्रेम
फूलों में नहीं,
प्रार्थना में है।
तू वहाँ है,
मैं यहाँ ..
पर प्रेम
बीच में कहीं नहीं टूटता।
यह दिन
मिलन का नहीं,
विश्वास का है,
कि यह दूरी
सिर्फ़ समय की है,
प्रेम की नहीं।